नींद और समाधि में क्या अंतर और समानता हैं?

nind aur samadhi mein kya antar hai

नींद और समाधि में समानता भी हैं और ये दोनों अवस्थाएं एक दूसरे से अगल भी हैं। नींद और समाधि में अंतर और समानता को जानते हैं। नींद से तो कोई भी अनजान नहीं हैं समस्त जीव शरीर को

ॐ नमो नारायणाय || मंत्र जाप कैसे करें , अद्भुत लाभ

ॐ नमो नारायणाय (ओम नमो नारायणाय) यह मंत्र भगवान श्रीविष्णु का शरणार्थी मंत्र हैं, इसे अष्टाक्षर मंत्र और नारायण मंत्र के स्वरूप में जाना जाता हैं । पुराणों उपनिषदों में इस मंत्र के महत्व दर्शाया गया हैं साथ ही

नृसिंह अवतार || भगवान श्रीविष्णु के नृसिंह अवतार की कथा

नृसिंह अवतार || भगवान श्रीविष्णु के नृसिंह अवतार की कथा

भगवान श्रीविष्णु सृष्टि के कण-कण में विराजमान होकर सृष्टि को गतिशील और जीवों का पालनपोषण करते हैं, प्राचीन समय की बात हैं, हिरण्यकश्यप नामक दैत्य ने परमपिता ब्रह्मा जी से ऐसा वरदान प्राप्त किया था जिससे उसे युद्ध में

ध्यान में परमात्मा का पहला अनुभव

ध्यान में परमात्मा का पहला अनुभव

ध्यान के द्वारा मन को विलीन कर के परमात्मा के दर्शन करना संभव हैं। जो योगी अभ्यास से ध्यान में उच्चतम सिद्धि प्राप्त करते हैं, उनके लिए परमात्मा में विलीन होना सहज हैं। किंतु अगर परमात्मा के पहले अनुभव

ध्यान में क्या सोचना चाहिए || ध्यान बीच की बाधा

गहरे ध्यान में कैसे जाएं ? प्रभावशाली उपाय

जो लोग ध्यान की अवस्था नहीं जानते वे ध्यान में क्या सोचना चाहिए पूछते हैं। सबसे पहले तो हमे यह समझना है की ध्यान केवल वह नहीं है जिसे पूरी तैयारी से आसन लगाकर बैठ कर किया जाए। ध्यान

ब्रह्म कौन है, ब्रह्म ज्ञान कैसे प्राप्त होता हैं.

ब्रह्म और परब्रह्म में अंतर | स्वरूप

ब्रह्म कौन हैं? ब्रह्म को कैसे जाने जिसे जाना ही नहीं जा सकता उसे कैसे जाने अगर हम जानते हैं इसके पीछे कारण होते हैं, गुण आकार आदि। लेकिन ब्रह्म निराकार, निर्गुण हैं, तो उसे जानना तो असंभव हैं।

ध्यान कैसे करें? – गहरे ध्यान में प्रवेश करने के प्रभावशाली उपाय

ध्यान के द्वारा न केवल स्वयं का बल्कि जीवन मृत्यु के चक्र से परे परमसत्य तक का भी बोध प्राप्त होता हैं। तथा ध्यान में ऐसे गुण भी है जो किसी चमत्कार से कम नहीं हैं यह आपको स्वस्थ

हरे कृष्ण हरे राम… || महामंत्र जाप के लाभ, शास्त्रों में महिमा

भगवान नाम जप के लिए कोई भी नियम या बंधन नहीं होता हैं, नाम जप का बीज चाहे कैसा भी बोए जाए ये फल देने ही वाले हैं, भगवान नाम का एक महामंत्र हैं। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण

भगवान शिव के नाम के आगे ‘श्री’ क्यों नहीं लगाया नहीं जाता

भगवान शिव के आगे 'श्री' क्यों नहीं लगाया नहीं जाता

भगवान श्रीविष्णु, श्रीकृष्ण, श्रीराम के ‘श्री’ लगाया जाता है, परंतु भगवान शिव के आगे ‘श्री’ को नही लगाया जाता, इसके पीछे का कारण बहुत कम लोग जानते है, इसके पीछे के कारण को इस आलेख में जानिए। भगवान श्री

अहम् ब्रह्मास्मि || महावाक्य का अर्थ और तात्पर्य हिन्दी में जानिए

अहम् ब्रह्मास्मि

‘अहम् ब्रह्मास्मि ‘ महावाक्य का तात्पर्य अहम् ब्रह्मास्मि  सनातन का महावाक्य है साथ ही यह उपनिषधों के चार महावाक्यों में से एक हैं, इस महावाक्य का हिंदी अर्थ होता है ‘मैं ब्रह्म हूं’ या मैं शाश्वत सत्य हूं। जब कोई