What does Simplicity mean?

What is simplicity स्वभाव में सरलता किसे कहते है?

When we think about spiritual progress, simplicity emerges as a crucial element. Simplicity is not just an external behavior but also an internal state that provides us with mental peace and balance. Simplicity is at the core of yoga practice and makes our lives pleasant, positive, and spiritually enriched. What is Simplicity? Simplicity should not … Read more

स्वभाव में सरलता किसे कहते है? | Saralta kise kahate hain

saralta kise kahate hain

जब हम आध्यात्मिक उन्नति की बात करते हैं, तो सरलता या सादगी एक महत्वपूर्ण तत्व के रूप में सामने आती है। सरलता केवल बाहरी व्यवहार नहीं, बल्कि आंतरिक अवस्था भी होती है, जो हमें मानसिक शांति और मानसिक संतुलन प्रदान करती है। सरलता योग अभ्यास का केंद्र होती है और यह हमारे जीवन को सुखद, … Read more

ध्यान में उन्नति कैसे करें? – ध्यानयोग में उन्नति और सिद्धि की साधना

Read this article in English ध्यान में उन्नति कैसे करें? नियमित ध्यान का प्रामाणिक अभ्यास करने से व्यक्ति स्वयं को उस योग्य बनाता है की वह सांसारिक बंधनों से अपने आप मुक्त कर लेता है और आकाश जैसे अनंत परमात्म तत्व के साथ एक हो जाएं। जो परमआनंद, परमपद और अमरत्व है। ध्यान करने का … Read more

क्या दुनिया को भगवान (परमात्मा) ने बनाया था?

अगर आप यह सोचते है की सृष्टि को बनाने वाले भगवान है तो आप सच्चाई से अनजान हो सकते हैं। जब हम सृष्टि को जानते है यानी मनुष्य पशु पक्षी जीव जंतु और ग्रह तारे। जो हमारे दिमाग में सबसे पहले यहीं आता है की जरूर कोई होंगा जिसने इसे बनाया होंगा! लेकिन असली बात … Read more

दुख कैसे दूर करें: मानसिक दुख से मुक्ति का उपाय | Dukh ko kaise dur kare

dukh kaise dur kare

Read this article in English दुख का अनुभव हम सब को होता है, और सब दुख से मुक्ति पाने की चाह रखते है | दुख से छुटकारा भी शीघ्र हो जाता है | लेकिन वह सिर्फ तात्कालिक छुटकारा पा लेते है, ज्यादातर लोग दुख से मुक्ति नहीं पाते बल्कि उसे अपने भीतर ही छिपा देते … Read more

बालकृष्ण और कालियनाग की कथा | भगवान कृष्ण की लीला

Krishna aur Kaliya naag ki katha

व्रज वासियों पर विषैला संकट… मधुर और नटखट लीलाओं के कारण भगवान कृष्ण लीला पुरषोत्तम भगवान कहें जाते है | जब द्वापरयुग में भगवान कृष्ण देवकी और वसुदेव के पुत्र रूप में प्रकट हुए तब कंस के कारण संकट के घने बादल कृष्ण पर मंडरा रहें थे | कंस से शिशु को सुरक्षित रखने के … Read more

भगवान श्रीकृष्ण के इक्कीस मंत्र, महत्व और लाभ

Lord Krishna

योग साधना, मानसिक शांति और आध्यात्मिक विकास के लिए मंत्रों का जाप एक उपयुक्त तरीका माना जाता है | जाप का महत्व न केवल वेद और पुराणों में बताया गया है | श्रीमद भगवद्गीता में भी भगवान कृष्ण ने “यज्ञानां जपयज्ञोऽस्मि” कहकर जाप का महत्व बताया है | अनन्य कृष्णभक्त भगवान कृष्ण के विशेष और … Read more

Nirvana Shatakam Lyrics | निर्वाण षट्कम: आदि शंकराचार्य द्वारा शिव का वर्णन |

निर्वाण षट्कम

आदि शंकर आचार्य की रचना निर्वाण षट्कम शिव के वास्तविक स्वरूप का बहुत ही सुंदर तरीके से वर्णन करती है | निर्वाण षट्कम के बोल, अर्थ और जानकारी यहां उपलब्ध है… निर्वाण षट्कम के बोल | Nirvana Shatakam Lyrics in Hindi Nirvana Shatakam Lyrics in Hindi English: मनोबुद्धयहंकारचित्तानि नाहम् न च श्रोत्र जिह्वे न च … Read more

महा मृत्युंजय मंत्र – अर्थ, महत्व और जाप के अतुलनीय लाभ

  महा मृत्युंजय मंत्र महा मृत्युंजय मंत्र इस प्रकार है: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् || (AUM Tryambkan Yajamahe Sugandhin Pushtiverdham | Urvarukamive Bandhananmrityormukshiya Mamritat ||)   महा मृत्युंजय मंत्र का अर्थ महा मृत्युंजय मंत्र का एक अर्थ – हम त्रिनेत्र को पूजते/भजते है, जो सुगंधित है, पालनहार है, जिस तरह … Read more