द्वादशज्योतिर्लिंग: भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग स्थल और कथा

Bhagwan Shiv Ke 12 Jyotirling

Bhagwan Shiv Ke 12 Jyotirling पृथ्वी के जिन स्थानों पर भगवान शिव स्वयं प्रकट हुएं इन स्थलों को ज्योतिर्लिंग कहां जाता हैं। भारत में भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग यानी 12 ज्योतिर्लिंग स्थित हैं । ज्योतिर्लिंग का अर्थ है

मत्स्यावतार : मत्स्य अवतार की कथा | भगवान श्रीविष्णु का पहला अवतार

lord Vishnu matsya avtar

मत्स्य अवतार भगवान के दशावतार में से पहला अवतार हैं। यहां भगवान विष्णु एक मछली के रूप में अवतरित हुए थे, लेकिन यह मछली कोई साधारण मछली जीव नहीं थी यह साक्षात भगवान विष्णु का पहला अवतार था ।

नृसिंह अवतार || भगवान श्रीविष्णु के नृसिंह अवतार की कथा

नृसिंह अवतार || भगवान श्रीविष्णु के नृसिंह अवतार की कथा

भगवान श्रीविष्णु सृष्टि के कण-कण में विराजमान होकर सृष्टि को गतिशील और जीवों का पालनपोषण करते हैं, प्राचीन समय की बात हैं, हिरण्यकश्यप नामक दैत्य ने परमपिता ब्रह्मा जी से ऐसा वरदान प्राप्त किया था जिससे उसे युद्ध में

भगवान श्रीकृष्ण का विराटरूप वर्णन | विश्वरूप दर्शन, श्रीमद्भागवतगीता|

bhagwan shri krishna ka virat roop

भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप को विश्वरूप भी कहां जाता हैं, सम्पूर्ण जगत, अनंत ब्रम्हांड, तीनों लोक भगवान के इस अनंत व्याप्त रूप में समाया हुआ हैं। भगवान के इस रूप को परम रहस्य हैं अर्जुन के अलावा कोई

गरूड़ का अहंकार, भगवान विष्णु की कथा

गरूड़ का अहंकार, भगवान विष्णु की कथा

अहंकार करना उचित नहीं होता अहंकार को एक शत्रु भी कह सकते हैं, यह शत्रु मन बुद्धि पर अधिकार कर लेता हैं, व्यक्ति को पता भी नहीं चलता की अहंकार उसे अज्ञानता घोर अंधकार में ले जा रहा। जिसमे

भगवान श्री कृष्ण ने बाल्यावस्था में किन राक्षसों को मारा था? यहां जानें।

bhagwan-krishna-ne-kin-rakshason-ko-mara-tha

भगवान श्रीकृष्ण युगों–युगों से अपने भक्तों का उद्धार करते आए हैं। जब द्वापर युग में भगवान ने अवतार लिया , तब उनके मामा कंस के कारण शिशु अवस्था में ही संकट के काले बादल उनके और ब्रज वासियों पर

भगवान जगन्नाथ की कथा | Rath Yatra | kahani | Rahasya

ओड़िशा राज्य के पूरी शहर में भगवान जगन्नाथ का भव्य मंदिर हैं। भगवान जगन्नाथ जी के कारण पूरी को भारत भर में जगन्नाथ पुरी भी कहते हैं। भगवान जगन्नाथ की पूरी सनातन के चार धामों में से एक हैं।

देवाधिदेव भगवान शिव ने कौन-कौनसे अवतार लिए है. जानिए | 11 रूद्र अवतार | 19 अंशअवतार|

bhagwan shiv ke kitne avatar hai

भगवान शिव जिनका न आदि है न अंत। उन्हें स्वयंभू भी कहां जाता हैं । शिव महापुराण और अन्य पुराणों के अनुसार भगवान शिव ने अधर्म का सर्वनाश करने के लिए रूद्र अवतार और अंशअवतार लिए  है। “रूद्र” शब्द

भगवान श्री विष्णु के 24 अवतार कौन-कौनसे हैं? जानिए

श्रीमदभगवद्गीता में भगवानश्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच में संवाद है जहां भगवान अर्जुन से कहते है जब जब धर्म की हानि होती है और अधर्म का वर्चस्व बढ़ने लगता हैं तब वे अवतार लेते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के अवतार