भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग स्थल और कथा | Bhagwan shiv ke 12 Jyotirling ke naam aur Sthan

Bhagwan Shiv Ke 12 Jyotirling

Bhagwan Shiv Ke 12 Jyotirling पृथ्वी के जिन स्थानों पर भगवान शिव स्वयं प्रकट हुएं इन स्थलों को ज्योतिर्लिंग कहां जाता हैं। भारत में भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग यानी 12 ज्योतिर्लिंग स्थित हैं । ज्योतिर्लिंग का अर्थ है “ज्योति का लिंग” इन ज्योतिर्लिंग में साक्षात भगवान शिव ज्योति रूप में वास करते हैं। शास्त्रों … Read more

भगवान शिव के नाम के आगे ‘श्री’ क्यों नहीं लगाया नहीं जाता

भगवान शिव के आगे 'श्री' क्यों नहीं लगाया नहीं जाता

भगवान श्रीविष्णु, श्रीकृष्ण, श्रीराम के ‘श्री’ लगाया जाता है, परंतु भगवान शिव के आगे ‘श्री’ को नही लगाया जाता, इसके पीछे का कारण बहुत कम लोग जानते है, इसके पीछे के कारण को इस आलेख में जानिए। भगवान श्री विष्णु, श्रीराम, श्रीकृष्ण के आगे ‘श्री’ क्यों लगाते हैं? भगवान विष्णु, और उनके अवतारों के आगे … Read more

“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का महत्व और लाभ

“ॐ नमः शिवाय” महामंत्र महिमा, अतुलनीय लाभ

भगवान शिव के अनन्य भक्त शिव का स्मरण करते है; वे “ॐ नमः शिवाय” इस मंत्र का जाप करते है | यह मंत्र बहुत ही शक्तिशाली और महत्वपूर्ण मंत्र माना जाता है | इसका जाप शिव की कृपा और आध्यात्मिक उन्नति करने के लिए किया जाता है | यह मंत्र प्राचीन काल से ही शिव … Read more

अर्जुन द्वारा श्रीभगवान कृष्ण के सर्व-तेजोमय विराटरूप (विश्वरूप) वर्णन | Shri krishna virat roop

bhagwan shri krishna ka virat roop

Shri krishna virat roop भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप को विश्वरूप भी कहां जाता हैं, सम्पूर्ण जगत, अनंत ब्रम्हांड, तीनों लोक भगवान के इस अनंत व्याप्त रूप में समाया हुआ हैं। भगवान के इस रूप को परम रहस्य हैं अर्जुन के अलावा कोई इस विराट रूप के दर्शन नहीं कर सका हैं। कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि … Read more