Radha Krishna Mantra: राधाकृष्ण मधुर प्रेम मंत्र | अर्थ और अतुलनीय लाभ

राधाकृष्ण मधुर प्रेम मंत्र

मंत्र के बोल || केशवी केशवाराध्या किशोरी केशवस्तुता, रूद्र रूपा रूद्र मूतिर्: रूद्राणी रूद्र देवता ||  || Keshavi Keshavaraadhyā Kishori Keshavastutā Rudra Roopā Rudra Murthihi Rudraani Rudra Devatā || मंत्र का अर्थ और तात्पर्य मंत्र का एक कहां जाता हैं:  “मैं राधा के चंचल प्रेमी भगवान कृष्ण का आशीर्वाद चाहता हूँ, मेरा जीवन ऐसे ही … Read more

‘हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे राम’ महामंत्र का महत्व (महिमा) और लाभ, अर्थ सहित

‘हरे कृष्ण हरे राम’ महामंत्र | Hare krishna mantra भगवान नाम मंत्र जाप कीर्तन के लिए कोई भी बंधन नहीं होता हैं, नाम जप का बीज चाहे कैसा भी बोए जाएं इसका फल निश्चित मिलता है | जाप कीर्तन सबसे सरल और शक्तिशाली साधना है भौतिकता से मुक्ति पाने और भगवान के परम पद प्राप्ति … Read more

भगवान शिव के नाम के आगे ‘श्री’ क्यों नहीं लगाया नहीं जाता

भगवान शिव के आगे 'श्री' क्यों नहीं लगाया नहीं जाता

भगवान श्रीविष्णु, श्रीकृष्ण, श्रीराम के ‘श्री’ लगाया जाता है, परंतु भगवान शिव के आगे ‘श्री’ को नही लगाया जाता, इसके पीछे का कारण बहुत कम लोग जानते है, इसके पीछे के कारण को इस आलेख में जानिए। भगवान श्री विष्णु, श्रीराम, श्रीकृष्ण के आगे ‘श्री’ क्यों लगाते हैं? भगवान विष्णु, और उनके अवतारों के आगे … Read more

“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” महत्व और अतुलनीय लाभ, हिंदी शाब्दिक अर्थ सहित

Krishna Mantra om namo bhagwate vasudevaya

यह मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” ज्यादातर कृष्णभक्तों और हरिभक्तों का प्रिय मंत्र है यह प्रमुख वैष्णव मंत्र है, इस मंत्र का शाब्दिक अर्थ, मंत्र का महत्व और नियमित जाप करने के लाभ यहां जानिए… “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” महत्व और अतुलनीय लाभ, हिंदी शाब्दिक अर्थ सहित   मंत्र के बोल : | ॐ नमो … Read more

अर्जुन द्वारा श्रीभगवान कृष्ण के सर्व-तेजोमय विराटरूप (विश्वरूप) वर्णन | Shri krishna virat roop

bhagwan shri krishna ka virat roop

Shri krishna virat roop भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप को विश्वरूप भी कहां जाता हैं, सम्पूर्ण जगत, अनंत ब्रम्हांड, तीनों लोक भगवान के इस अनंत व्याप्त रूप में समाया हुआ हैं। भगवान के इस रूप को परम रहस्य हैं अर्जुन के अलावा कोई इस विराट रूप के दर्शन नहीं कर सका हैं। कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि … Read more

गरूड़ का अहंकार, भगवान विष्णु की कथा

गरूड़ का अहंकार, भगवान विष्णु की कथा

अहंकार करना उचित नहीं होता अहंकार को एक शत्रु भी कह सकते हैं, यह शत्रु मन बुद्धि पर अधिकार कर लेता हैं, व्यक्ति को पता भी नहीं चलता की अहंकार उसे अज्ञानता घोर अंधकार में ले जा रहा। जिसमे उसकी हानि होना निश्चित हैं। अहंकार में चूर हुआ अहंकार को नहीं जान और हरा पाता … Read more

भगवान श्री कृष्ण ने बाल्यावस्था में किन राक्षसों को मारा था? यहां जानें।

bhagwan-krishna-ne-kin-rakshason-ko-mara-tha

भगवान श्रीकृष्ण युगों–युगों से अपने भक्तों का उद्धार करते आए हैं। जब द्वापर युग में भगवान ने अवतार लिया , तब उनके मामा कंस के कारण शिशु अवस्था में ही संकट के काले बादल उनके और ब्रज वासियों पर मंडरा रहे थे । कंस एक से बढ़कर एक मायावी राक्षसों को भगवान का वध करने … Read more

भगवान जगन्नाथ की कथा | Rath Yatra kahani | Bhagavan Jagannath Ki Katha

ओड़िशा राज्य के पूरी शहर में भगवान जगन्नाथ का भव्य मंदिर हैं। भगवान जगन्नाथ जी के कारण पूरी को भारत भर में जगन्नाथ पुरी भी कहते हैं। भगवान जगन्नाथ की पूरी सनातन के चार धामों में से एक हैं। हर साल सम्पूर्ण जगत से श्रद्धालु जगन्नाथ पूरी के भव्य रथयात्रा उत्सव में शामिल होते है। … Read more

‘राधे राधे’ महामंत्र महत्व और जाप के अतुलनीय लाभ | Radha naam ki mahima

Radhe Radhe Bolne Se Kya Hota Hai

Radhe radhe naam jap ke fayde राधाकृष्ण निस्वार्थ प्रेम, भक्ति, आत्मसमर्पण, दिव्यता और निस्वार्थ आराधना के प्रतीक है ‘राधे राधे’ या ‘राधा राधा’ कृष्णभक्तों का प्रमुख मंत्र है, इस मंत्र का जाप करना भी सरलतम है | कई विद्वानों ने इसे महामंत्र भी माना है |यह राधा देवी का नाम ही है | राधा की … Read more