आत्मा को जाना नहीं जा सकता तो कैसे पता चला वह है?

aatma-ko-kaise-paya

आपने उपनिषदों में और अन्य आध्यात्मिक ग्रंथों में ब्रह्म या आत्मा का बारे में पढ़ा ही होंगा! या इन शब्दों को सुना तो होंगा ही! लेकिन क्या अपने कभी सोचा है की ये क्या है? आत्मा को जाना नहीं जा सकता तो कैसे पता चला वह है? अगर आप सोच रहें है सिद्ध योगियों ने … Read more

नेति-नेति | न ऐसा, न वैसा | क्या है समझिए

neti neti

नेति-नेति का अर्थ है “यह नहीं, वह नही” यह श्लोक साधक को आध्यात्मिक विकास और आत्मज्ञान साक्षात्कार करने में एक साधन का काम करता है | यह भ्रम को काटने की तलवार है सभी भ्रम से निकल कर ही ब्रह्म यानी जो वास्तविक है, सत्य है; उसे पाया जा सकता है |  नेति-नेति क्या है … Read more

तत् त्वम् असि | तुम ही वह हो | क्या है समझिए

'तत् त्वम् असि' क्या है समझिए 

ऋषियों ने साधना में सिद्धि से महाज्ञान प्राप्त किया और जैसा देखा वैसा ही नई पीढ़ी के लिए लिख दिया | ‘तत् त्वम् असि’ यह श्लोक छांदोग्य उपनिषद का है | ‘तत् त्वम् असि’ का अर्थ है “वह तुम ही हो” या “वह ब्रह्म तुम ही हो” ‘तत् त्वम् असि’ क्या है इस समझने के लिए इस लेख को पढ़िए |

Read more

अहम् ब्रह्मास्मि | माया के परे स्व का परम स्वरूप यानी ब्रह्म-स्वरूप 

अहम् ब्रह्मास्मि | माया के परे स्व का परम स्वरूप यानी ब्रह्म-स्वरूप    “अहम् ब्रह्मास्मि” यह श्लोक योग की बहुत ही गहराई में उतरने के बाद सामने आया है | यह हमारे अस्तित्व के रहस्य को उजागर करता हैं | यह श्लोक अद्वैत वेदांत दर्शन के चार महावक्यों में से एक महावक्य है | अहम् … Read more

परब्रह्म कौन है –

  वैदिक, वैष्णव, शैव, शाक्त इत्यादि संप्रदायों में जिसे महाविष्णु, सदाशिव, शक्ति, और दुर्गा इत्यादि कहा जाता है; ये एक ही परम ब्रह्म के विविध नाम हैं | लेकिन वह परब्रह्म कोन है; इसे कैसे जाना जा सकता है क्या आपने कभी इसके बारे में सोचा है | परब्रह्म शब्द दो शब्दों से बना है … Read more

आत्मज्ञान प्राप्ति के लिए आवश्यक तत्व

आत्मज्ञान साक्षात्कार से साधक अपने सच्चे स्वरूप को प्राप्त होता है; वही स्वरूप सत्य है। जो साधक आत्मिक उन्नति के लिए जागृत है; उन्होंने निसंदेह आत्मज्ञान की यात्रा में और अपना पहला क़दम रख दिया है। क्योंकि यह जागृति और जिज्ञासा हर किसी में नहीं हो सकती, केवल उन्हें छोड़कर जिनके मन में स्वयं के … Read more

आध्यात्मिकता क्या हैं | आध्यात्मिक व्यक्ति के दैवी गुण

adhyatmikta kya hai

आध्यात्मिकता के बारे समाज में कई बाते होती रहती हैं, लोगों का मानना हैं को आध्यात्मिकता जीवन जीने का तरीका है जो सामान्य जीवन से बहुत कठिन हैं, जो आध्यात्मिक होना चाहता हैं उसे घर गृहस्थी से दूर रहना अनिवार्य हैं, लेकिन साधकों यह सारा ज्ञान वही लोग देते हैं जो वास्तविक नहीं हैं अगर … Read more

जानिए ईश्वर को कहाँ खोजा जाता है | Kya Atma Hi Ishwar Hai

kya-atma-hi-ishwar-hai

साधकों! ईश्वर को तो हर कोई खोजने में लगा होता हैं कोई बड़ा मंच हो या आम रोजाना की बातचीत कभी न कभी आपके साथ भी ऐसा हुआ होंगा किसीने ईश्वर के बारे में बात की होंगी! लेकिन ईश्वर कोन है कहां रहता हैं यह बात हर किसी को पता नहीं होगी कई लोगों का … Read more

आत्म तत्व क्या हैं || परमतत्व | Atma tatva kya hai?

aatm tatv kya hai

आत्म तत्व क्या हैं || परमतत्व | Atma tatva kya hai? हम मानव और अन्य जीव जिस जगह जीवित रहते हैं इसे पृथ्वी लोग कहां गया हैं। इसी लोक में हम भौतिक शरीर प्राप्त करते हैं और एक समय पर इसे त्याग देते हैं। मानव शरीर पांच तत्वों से बना हैं जिन्हें हम पंचतत्व कहते … Read more

श्रीमद्भगवत गीता पढ़ने के जीवन को सार्थक करने वाले लाभ

bhagavad gita padhne ke fayde

श्रीमद्भगवत गीता कैसे पढ़ें और पढ़ने के लाभ इसमें तनिक भी संदेह नहीं किया जा सकता, श्रीमद्भगवत गीता भक्ति, योग के विषय में प्राप्त समस्त ग्रंथों में उत्कृष्ट हैं। यह साक्षात भगवान श्री कृष्ण के मुख से निकली वाणी हैं। श्रीमद्भगवत गीता में कुल अठारा अध्याय हैं जिसमें अर्जुन द्वारा पूछें गए प्रश्नों का श्रीभगवान … Read more