समाधि क्या हैं – श्रीमद् भगवद्गीता के अनुसार

samadhi kya hai gita ke anusar

योग की सबसे उच्चतम अवस्था को समाधि कहा जाता हैं। जो योगी समाधि को प्राप्त होता हैं उसके समस्त कर्म परमात्मा में विलीन हो जाते हैं। वह एक जीव होने नाते बंधनों से मुक्त होता हैं और अनंत, अविनाशी परमात्मा में विलीन हो जाता हैं । समाधि इस भौतिक संसार से अलग दिव्य आनंद और … Read more

कुंडलिनी शक्ति जागरण के नुकसान

कुंडलिनी जागरण की अवस्था क्या हैं? | जागरण के फायदें और नुकसान

कुंडलिनी योग गैरमामुली हैं । यह जीवन शक्ति, ऊर्जा, तेज से भरपूर हैं। अगर किसी साधक की एक बार कुंडलिनी शक्ति जागृत हो जाती हैं, तो अगले ही दिन में यह अविश्वसनीय बदलाव ला सकती हैं । इसके अपने कुछ फायदें भी हैं और कुछ नुकसान भी हैं। जो योगी इस शक्ति पर नियंत्रण रख … Read more

माया क्या हैं? | आध्यामिक, योग | Maya kya hai?

माया क्या हैं? || दुनिया झूट हैं या मन?

माया क्या हैं? | Maya kya hai? हमारे धार्मिक ग्रंथों में ज्ञान की विस्तारित बातें लिखी हुई हैं। इनसे मनुष्य जीव आत्म के कल्याण के पथ को चुनने में जागरूक होता हैं । मोक्ष प्राप्त करना जीवात्मा का सर्वोत्तम कल्याण कहां गया हैं। लेकिन मोक्ष को प्राप्त होने से कई मनुष्य जीव असफल रहते हैं। … Read more

जीवात्मा किसे कहेंगे? और परमात्मा किसे कहेंगे?

ध्यान में गहरा उतरने से आत्मा का बोध होता हैं जिसे आत्मज्ञान केहेतें हैं । लेकिन आत्मा को इंद्रियों और बुद्धि से नहीं जाना जा सकता, अगर भौतिक संसार की दृष्टि से देखा जाएं तो आत्मा कुछ नहीं हैं। जब आत्मज्ञान प्राप्त होता हैं। मन को केवल यह ज्ञात होता हैं की अब उसके सामने … Read more

आत्मा किसे कहते हैं? आत्मा का ज्ञान | आत्मा के असत्य | Atma kise kahate hain

Aatma kise kahenge

आत्मा किसे कहते हैं? | Atma kise kahate hain आत्मा शब्द सामने आते ही किसीका चौकन्ना हो जाना स्वाभाविक बात हो गई हैं, इसका कारण समाज में फैली अज्ञानता हैं, लोग आत्मा को लेकर इतने अज्ञान में हैं की वे आत्मा की बात भी नहीं करना चाहते, निश्चित ही उसे दुनिया की सबसे बुरी चीज … Read more

मन को शांत और नियंत्रित कैसे करें – 8 उत्तम उपाय | Man ko shant kaise kare

मन को शांत और नियंत्रित कैसे किया करें || 8 उत्तम उपाय

मन को शांत और नियंत्रित कैसे करें | Man ko niyantrit kaise kare अगर मन में लगातार उथल-पुथल होती रहती हैं। तो यह गंभीर समस्या बन सकती हैं, अगर मन को नियंत्रित और शांत न रखा जाएं तो व्यक्ति को तनाव, दुख, भय और क्रोध के अधीन होने में ज्यादा समय नहीं लगता । जिस … Read more

नींद और समाधि में क्या अंतर और समानता हैं?

nind aur samadhi mein kya antar hai

नींद और समाधि में समानता भी हैं और ये दोनों अवस्थाएं एक दूसरे से अगल भी हैं। नींद और समाधि में अंतर और समानता को जानते हैं। नींद से तो कोई भी अनजान नहीं हैं समस्त जीव शरीर को आराम देने के लिए नींद में जाते हैं, और जीवों को चुस्त, दुरुस्त रहने के लिए … Read more

ध्यान में परमात्मा का पहला अनुभव

ध्यान में परमात्मा का पहला अनुभव

ध्यान के द्वारा मन और अहंकार को विलीन कर के परमात्मा के दर्शन करना संभव हैं। जो योगी अभ्यास से ध्यान में उच्चतम सिद्धि प्राप्त करते हैं, उनके लिए परमात्मा में विलीन होना सहज हैं। किंतु अगर परमात्मा के पहले अनुभव पर आए तो इसे समझना कई लोगों के लिए कठिन हो जाता हैं। जब … Read more

ब्रह्म कौन है, ब्रह्म ज्ञान कैसे प्राप्त होता हैं.

ब्रह्म और परब्रह्म में अंतर | स्वरूप

ब्रह्म कौन हैं? ब्रह्म को कैसे जाने जिसे जाना ही नहीं जा सकता उसे कैसे जाने अगर हम जानते हैं इसके पीछे कारण होते हैं, गुण आकार आदि। लेकिन ब्रह्म निराकार, निर्गुण हैं, तो उसे जानना तो असंभव हैं। ब्रह्म का स्वरूप असल में स्वरूप नहीं हैं, ये सभी स्वरूपों, गुणों से परे हैं। ब्रह्म … Read more

अहम् ब्रह्मास्मि | महावाक्य का गहरा अर्थ और व्याख्या | Aham brahmasmi in hindi

Aham Brahmasmi अहम् ब्रह्मास्मि

‘अहम् ब्रह्मास्मि ‘ महावाक्य का तात्पर्य | Aham brahmasmi in hindi अहम् ब्रह्मास्मि  सनातन का महावाक्य है, यह अद्वैत वेदांत के चार महावाक्यों में से एक हैं, यह विश्व के सबसे प्राचीन ग्रंथों में से एक यजुर्वेद के बृहदारण्यक उपनिषद से लिया गया हैं। अहम् ब्रह्मास्मि  महावाक्य का हिंदी अर्थ होता है ‘मैं ब्रह्म हूं’ … Read more