Dhyan Kaise Kare | ध्यान करने का सबसे आसान तरीका | How To Meditate

Dhyan kaise kare

साधकों! ध्यान वह अनमोल रत्न हैं जो भारत ने जगत को दिया हैं, ध्यान का महत्व वेदों, पुराणों और अन्य प्राचीन ग्रंथों में बताया गया हैं, साथ ही आधुनिक विज्ञान भी ध्यान को मानव जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताता हैं। ध्यान करना क्यों आवश्यक है और ध्यान करने का सबसे आसान तरीका क्या होगा … Read more

आत्म तत्व क्या हैं || परमतत्व | Atma tatva kya hai?

aatm tatv kya hai

आत्म तत्व क्या हैं || परमतत्व | Atma tatva kya hai? हम मानव और अन्य जीव जिस जगह जीवित रहते हैं इसे पृथ्वी लोग कहां गया हैं। इसी लोक में हम भौतिक शरीर प्राप्त करते हैं और एक समय पर इसे त्याग देते हैं। मानव शरीर पांच तत्वों से बना हैं जिन्हें हम पंचतत्व कहते … Read more

श्रीमद्भगवत गीता पढ़ने के जीवन को सार्थक करने वाले लाभ

bhagavad gita padhne ke fayde

श्रीमद्भगवत गीता कैसे पढ़ें और पढ़ने के लाभ इसमें तनिक भी संदेह नहीं किया जा सकता, श्रीमद्भगवत गीता भक्ति, योग के विषय में प्राप्त समस्त ग्रंथों में उत्कृष्ट हैं। यह साक्षात भगवान श्री कृष्ण के मुख से निकली वाणी हैं। श्रीमद्भगवत गीता में कुल अठारा अध्याय हैं जिसमें अर्जुन द्वारा पूछें गए प्रश्नों का श्रीभगवान … Read more

हनुमान चालीसा पाठ करने के लाभ | पाठ विधि | Hanuman chalisa padhne ke fayde

hanuman chalisa padhne ke fayde

हनुमान चालीसा पाठ करने के लाभ | Hanuman Chalisa padhne ke fayde रामभक्त हनुमान अतुलनीय भक्ति और शक्ति के प्रतीक हैं। वह भगवान शिव के अंशअवतार कहे जाते हैं। त्रेतायुग में भगवान विष्णु के अवतार श्री राम धरती को क्रूर राक्षसों से मुक्त करने के लिएं धरती पर अवतरित हुएं। तब अपने आराध्य भगवान विष्णु … Read more

समाधि क्या हैं – श्रीमद् भगवद्गीता के अनुसार

samadhi kya hai gita ke anusar

योग की सबसे उच्चतम अवस्था को समाधि कहा जाता हैं। जो योगी समाधि को प्राप्त होता हैं उसके समस्त कर्म परमात्मा में विलीन हो जाते हैं। वह एक जीव होने नाते बंधनों से मुक्त होता हैं और अनंत, अविनाशी परमात्मा में विलीन हो जाता हैं । समाधि इस भौतिक संसार से अलग दिव्य आनंद और … Read more

सृष्टिकर्ता ब्रह्माजी की उत्पत्ति कैसे हुई थीं

brahma hindu god painting

ब्रह्मा जी त्रिदेवों में एक हैं। वह परमपिता के रूप में सृष्टि के रचनाकार हैं। इस ब्रह्मांड की रचना ब्रह्मा जी ने की हैं, पुराणों के अनुसार ब्रह्मा जी की उत्पत्ति हुई हैं जिसकर वह काल चक्र के अधीन हैं। ब्रह्मा जी की आयु सौ दिव्यवर्षो तक बताई जाती हैं। श्रीमद भागवत महापुराण और शिवमहापुराण … Read more

माया क्या हैं | भगवान श्रीविष्णु और देवर्षि नारद की कथा

एक बार वैकुंठ में देवर्षि नारद को गर्व हुआ की वह माया के अधीन नहीं हैं । जैसे मनुष्य, जीव और अन्य भी इस माया को पार नहीं कर पाते और माया जाल में फस जाते हैं। गर्वित होते हुए नारद ने कहां भगवन! मैं माया के समस्त बंधनों के पार हुं , मुझ पर … Read more

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग स्थल और कथा | Bhagwan shiv ke 12 Jyotirling ke naam aur Sthan

Bhagwan Shiv Ke 12 Jyotirling

Bhagwan Shiv Ke 12 Jyotirling पृथ्वी के जिन स्थानों पर भगवान शिव स्वयं प्रकट हुएं इन स्थलों को ज्योतिर्लिंग कहां जाता हैं। भारत में भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग यानी 12 ज्योतिर्लिंग स्थित हैं । ज्योतिर्लिंग का अर्थ है “ज्योति का लिंग” इन ज्योतिर्लिंग में साक्षात भगवान शिव ज्योति रूप में वास करते हैं। शास्त्रों … Read more

कुंडलिनी शक्ति जागरण के नुकसान

कुंडलिनी जागरण की अवस्था क्या हैं? | जागरण के फायदें और नुकसान

कुंडलिनी योग गैरमामुली हैं । यह जीवन शक्ति, ऊर्जा, तेज से भरपूर हैं। अगर किसी साधक की एक बार कुंडलिनी शक्ति जागृत हो जाती हैं, तो अगले ही दिन में यह अविश्वसनीय बदलाव ला सकती हैं । इसके अपने कुछ फायदें भी हैं और कुछ नुकसान भी हैं। जो योगी इस शक्ति पर नियंत्रण रख … Read more

कुंडलिनी योग क्या हैं? || कुंडलिनी योग के लाभ

कुंडलिनी जागरण की अवस्था क्या हैं? | जागरण के फायदें और नुकसान

कुंडलिनी क्या हैं? कुंडलिनी योग हर किसी को दिलचस्प लगता हैं । इसका कारण वह सांप हैं ।  कहां जाता हैं की यह सांप मूलाधार चक्र से निकल कर स्वादिष्ठान चक्र, मणिपुर चक्र, अनाहत चक्र, विशुद्ध चक्र, और ज्ञान चक्र से होता हुआ सहस्त्रहार तक जाता हैं। और फिर समाधि की घटना घट जाती हैं। … Read more