आत्म तत्व क्या हैं || परमतत्व | Atma tatva kya hai?
आत्म तत्व क्या हैं || परमतत्व | Atma tatva kya hai? हम मानव और अन्य जीव जिस जगह जीवित रहते हैं इसे पृथ्वी लोग कहां गया हैं। इसी लोक में हम भौतिक शरीर प्राप्त करते
आत्म तत्व क्या हैं || परमतत्व | Atma tatva kya hai? हम मानव और अन्य जीव जिस जगह जीवित रहते हैं इसे पृथ्वी लोग कहां गया हैं। इसी लोक में हम भौतिक शरीर प्राप्त करते
श्रीमद्भगवत गीता कैसे पढ़ें और पढ़ने के लाभ इसमें तनिक भी संदेह नहीं किया जा सकता, श्रीमद्भगवत गीता भक्ति, योग के विषय में प्राप्त समस्त ग्रंथों में उत्कृष्ट हैं। यह साक्षात भगवान श्री कृष्ण के
हनुमान चालीसा पाठ करने के लाभ | Hanuman Chalisa padhne ke fayde रामभक्त हनुमान अतुलनीय भक्ति और शक्ति के प्रतीक हैं। वह भगवान शिव के अंशअवतार कहे जाते हैं। त्रेतायुग में भगवान विष्णु के अवतार
योग की सबसे उच्चतम अवस्था को समाधि कहा जाता हैं। जो योगी समाधि को प्राप्त होता हैं उसके समस्त कर्म परमात्मा में विलीन हो जाते हैं। वह एक जीव होने नाते बंधनों से मुक्त होता
ब्रह्मा जी त्रिदेवों में एक हैं। वह परमपिता के रूप में सृष्टि के रचनाकार हैं। इस ब्रह्मांड की रचना ब्रह्मा जी ने की हैं, पुराणों के अनुसार ब्रह्मा जी की उत्पत्ति हुई हैं जिसकर वह
एक बार वैकुंठ में देवर्षि नारद को गर्व हुआ की वह माया के अधीन नहीं हैं । जैसे मनुष्य, जीव और अन्य भी इस माया को पार नहीं कर पाते और माया जाल में फस
Bhagwan Shiv Ke 12 Jyotirling पृथ्वी के जिन स्थानों पर भगवान शिव स्वयं प्रकट हुएं इन स्थलों को ज्योतिर्लिंग कहां जाता हैं। भारत में भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग यानी 12 ज्योतिर्लिंग स्थित हैं ।
कुंडलिनी योग गैरमामुली हैं । यह जीवन शक्ति, ऊर्जा, तेज से भरपूर हैं। अगर किसी साधक की एक बार कुंडलिनी शक्ति जागृत हो जाती हैं, तो अगले ही दिन में यह अविश्वसनीय बदलाव ला सकती
कुंडलिनी क्या हैं? कुंडलिनी योग हर किसी को दिलचस्प लगता हैं । इसका कारण वह सांप हैं । कहां जाता हैं की यह सांप मूलाधार चक्र से निकल कर स्वादिष्ठान चक्र, मणिपुर चक्र, अनाहत चक्र,
कुंडलिनी शक्ति जागरण | kundalini shakti jagran अगर आप एक सामान्य मनुष्य जीव की तरह जीवन व्यतीत कर रहें हैं तो यह कहने में कोई संदेह नहीं की आप अंधकार में जीवन व्यतीत कर रहें